Practical solution for corona virus, sandeep maheshwari
संदीप महेश्वरी sir ne corona virus पर उन्होंने सरकार को अपनी राय बताइ हे और एक solution दिया है आइए जानते वह solution
उन्होंने बताया है कि
आप कभी भी किसी सिचुएशन को पूरी तरह नहीं देखते ,उसके प्रॉब्लम को पूरी तरह नहीं देखते बस उसके छोटे से फॉर्मेट को देखते हैं और उसके base पर अपने कुछ conclusion डालते हैं जिसकी वजह से उसका जो सोल्यूशन है वह प्रॉपर्ली निकल नहीं पाता
तो आज हम कोशिश करेंगे जो problem हे जिसको कोरोना वायरस कहते हैं को पूरी तरह देखने की क्योंकि तभी हम इसका यह प्रॉपर solution निकाल पाएंगे
आज के डेट में बात की जाए इस प्रॉब्लम की सिचुएशन ए है कि , 80, 000 केसेस हो गए हैं near about 2500 के आसपास मौत हो गई है
जहां 10 दिन पहले 2000 case आ रहे थे अब 4000 case आ रहे हैं पर डे के हिसाब से. इससे हमारा माइंड एक कंक्लुजन निकलता है की केसेस बढ़ रही है , हां यह सच भी है लेकिन एक और सच्चाई भी है| कि अगर आप 10 दिन पहले की बात की जाए तो सिर्फ 10 लाख टेस्ट हुए थे जिसमें से 4000 मरीज पाए गए थे |एवरेज हुई 4%
कुछ दिनों में टेस्ट की average काफी बढ़ गई है daily के average 1 lakh टेस्ट हो रहे हे | तो पिछले 10 दिन में 1000000 टेस्ट हो गई यानी टोटल 2000000 टेस्ट हो गए | तो यह कैसे 40000 से बढ़कर 80000 हो गए हमें लग रहा है कि केसेस बढ़ रहे हैं पर यह सच्चाई नहीं है |actually फेस नहीं बढ़े हे टेस्ट बढ़े हैं
अगर टेस्ट बढ़ गए हैं तो हमें लगेगा केस बाढ़ गए हैं, अगर टेस्ट कम करें तो हमें लगेंगे केस कम हो रहे हैं, तो कहीं भी मीडिया में न्यूज़ में यह बात नहीं हो रही है कि कितने टेस्ट हो रहे हैं और उसकी propotion में कितने केस बढ़ रहे है| हर जगह पर बात हो रही है कि केसेस बढ़ रहे हैं. जिससे हमें यह लगता है कि केसेस बढ़ रही है पर सच्चाई है कि ना तू केसेस बढ़ रहे हैं. बल्कि टेस्ट बढ़ रहे हैं
तो चले हम कुछ कैलकुलेशन करते हैं इंडिया में actually कितने cases है
तो यह बड़ा सिंपल है कि, पहले 1000000 टेस्ट हुए थे तो केस थे 40000, अब 2000000 टेस्ट हुए हैं तो case हे 80000 यानी कि percentage हुई4% तू बड़ा सिंपल है जो इंडिया की पापुलेशन है उसको 4% से मल्टीप्लाई कर लेते हे 130×4=5 corore20lakh
परंतु यह तरीका ठीक नहीं होगा क्योंकि अभी भी इंडिया में कुछ ऐसी जगह है जहां cases, detect नहीं हुई है तो सरकार ने कुछ jone बनाए है 1 :जिसमें Red 🔴 jone यानी सबसे ज्यादा केसेस, 2:orange jone मैं medium केसेस ,3: jone मैं सबसे कम cases
अगर हम 5 cororeमैसे 80℅ को हटा देते हो तो{ यानी 4 करोड़ को हटा देती है} तो हमारे पास केसेस निकल के आ रही है 1 करोड़ 20 lakh, यानी हमारे इंडिया में एक करोड़ cases हे
अगर इस वायरस की बात की जाए तो अब तक इसको रोकने का कोई उपाय नहीं है यानी कि जिनको हो चुका है या होने वाला ही उनको हम नहीं रोक सकते हैं
यानी 1 corore भी हो सकता है 5 corore भी हो सकता है और 10 corore भी हो सकता है अगर आप इसे एक एंगल से देखेंगे तो आप कहेंगे बहुत बुरा ही तो आने वाले टाइम में क्या होगा
लेकिन अगर हम दूसरा angle से देखेंगे तो यह बहुत अच्छा है हमारी कंट्री के लिए क्योंकि हमने हमारी हार्ड इम्यूनिटी achieve कर ली है क्योंकि हमारा डेथ रेट पूरे वर्ल्ड से बहुत कम है. पूरे वर्ल्ड के मुकाबले हमारे इंडिया में बहुत कम लोग मर रहे हैं क्योंकि यह बुरा नहीं है हमारे लिए अच्छा है
यह प्रॉब्लम है कोरोनावायरस की इसका एक ही सोल्यूशन हे heart immunity ना की lockdown
क्योंकि हम घर मैं कब तक बैठे रहेंगे कभी तो बाहर निकलेंगे तो यह वायरस वही का वही हो वह कई जाने वाला नहीं इसका मतलब है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को ए वायरस हो जाता है तो और उनकी heart immunity मजबूती और उनके अंदर anty body's developed हो जाती है वायरस से लड़ने के लिए जो इसको स्पीड है वह बहुत ही डाउन हो जाता है
Just give to a idea अगर ए वायरस भी नहीं होता तब भी इंडिया में on an average 6 lakh से ज्यादा मौत होती है अलग-अलग बीमारी की वजह से हां उसमें ट्रिगर अलग होता है. कोई और infection होता है कई प्रकार की बीमारियां होती है
अगर हम इंडिया का डाटा देखे तो 60 साल से ऊपर हे. और उतना ही नहीं जो लोग हैं वह कई और बीमारियों की शिकार थी ए वायरस ने तो सिर्फ ट्रिगर दबाया है इसकी वजह से death नहीं हुई है वह ट्रिगर जरूरी नहीं कि कोरोनावायरस ही हो कोई और छोटे-मोटे वायरस हो सकते हैं self infection की वजह से भी हो सकते हैं
तो इंडिया में इतना कम रेट क्यों हुए death का उसके पीछे क्या रीजन है. उसके पीछे कई रीज़न है लेकिन इसमें सबसे बड़े रीजन में हमारे 90% population है उसकी age 60 साल से कम है
दूसरा रीजन क्या है कि हमारे इंडिया के लोगों की immunity वैसे ही strong हे
Ex, बाहर से इंडिया में आए तो औरों थोड़ा सा खा पी ले तो बीमार पड़ जाता है
हम लोग अपने चलते रहे थे क्योंकि हम को कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि यहां पर ऑलरेडी बहुत सारे infection धूल मिट्टी वायरस से कम थोड़ी ना है
लेकिन reason कोई भी है scientifically proven है या नहीं जो हमारे numbers थे वह हमें clearly यह बताते हैं कि इंडिया में death reate सबसे कम है पूरे world मैं इसका मतलब क्या है कि हम
Heart immunity को बड़े आराम से achieve कर सकते हैं practically achieve कर सकते हैं. बिना हमारा जो पूरा मेडिकल सिस्टम उसके ऊपर प्रेशर डालें
मेरा suggetion ए है कि government of 🇮🇳 india को कि अब आप इस lockdown वाले mind set से बाहर निकाल कर heart immunity के बारे में सोचिए कि वही permanent solution हे इस problem का
Videos for sandeep maheshwari
